Sunday 27th of September 2026

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कोरबा : नए पावर प्लांट की स्थापना कोरबा के लिए होगा घातक, सरगबुदिया में जन सुनवाई को निरस्त करने की मांग।

कोरबा( न्यूज उड़ान )पावर लिमिटेड द्वारा कोरबा जिले के सरगबुंदिया, खोड्डल, पताडी गांवों में 1320 मेगावाट के विद्युत संयंत्र के विस्तार तथा 1600 मेगावाट के नए विद्युत संयंत्र की स्थापना के लिए दिनांक 27/2 /2026 को पर्यावरण जनसुनवाई का आयोजन किया गया है।

नगर पालिक निगम कोरबा के अध्यक्ष नूतन सिंह ठाकुर ने कोरबा शहर के आसपास किसी भी कंपनी के नए विद्युत संयंत्र की स्थापना का पुरजोर विरोध किया है।

नया संयंत्रो की स्थापना पर आपत्ति जताते हुए नूतन सिंह ठाकुर ने कहा है कि पूर्व में लैको प्रोजेक्ट द्वारा जो वादे किए गए हैं उसके अनुरूप न तो वृक्षारोपण किया गया, न हीं राख का प्रबंधन किया गया और न हीं प्रभावित ग्रामों के बुनियादी ढांचा का विकास किया गया है इसलिए पुनः इसी प्रोजेक्ट स्थल पर इतने विशाल संयंत्रो की स्थापना किया जाना न्याय संगत नहीं है।

कोरबा शहर के चारों दिशाओं में एनटीपीसी, सीएसईबी, बालको, स्वास्तिक, लैंको के कोयला आधारित पावर प्रोजेक्ट पहले से स्थापित है, इन पावर प्लांटों के वायु एवं ध्वनि प्रदूषण से कोरबा की आम जनता पहले से परेशान है।

एक गैस चेंबर की भांति कोरबा शहर लगभग 4500 मेगावाट के विद्युत संयंत्रो से घिरा हुआ है।

पहले से स्थापित विद्युत संयंत्रों से कोरबा का पर्यावरण संतुलन बुरी तरह बिगड़ चुका है कोरबा की जनता के स्वास्थ्य, शारीरिक क्षमता एवं मनोविकास पर इनका दुष्परिणाम सभी महसूस कर रहे हैं।

कोरबा के 10 किलोमीटर के दायरे में लगभग 4500 मेगावाट के विद्युत संयंत्र और विशाल कोयला खदाने संचालित है।

इन भारी उद्योगों के कारण कोरबा शहर में अनेक जीव जंतु , पक्षी आदि विलुप्त हो चुके हैं, लोगों की उम्र घट गई है, हजारों लोग अनेक गंभीर बिमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। कोरबा के पर्यावरण एवं यहां के निवासियों के लिए नए विद्युत संयंत्रों की स्थापना जानलेवा साबित होगा।

नूतन सिंह ठाकुर आरोप लगाया है कि कोरबा पावर लिमिटेड द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन रिपोर्ट में अनेक महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया गया है।

पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए कोरबा के संरक्षित वनक्षेत्र, पर्वतों, जनसंख्या के आंकड़ो, निगम क्षेत्र, जलीय संतुलन, जीव जंतु पक्षियो की जानकारी तथा पूर्व प्रदूषण स्तर के संवेदनशील जानकारी को गलत तरीके से पेश किया गया है जिसके कारण 27 फरवरी को आयोजित जनसुनवाई को निरस्त करने तथा वैधानिक जांच करने की मांग पर्यावरण संरक्षण मंडल तथा जिलाधीश कोरबा से किया गया है।

नूतनसिंह ने कहा कि कोरबा की आम जनता कोरबा में नए विद्युत संयंत्रों की स्थापना के बिल्कुल पक्ष में नहीं है, आम जनता की भावनाओं का ध्यान रखते हुए कोरबा के पर्यावरण एवं निवासियों के स्वास्थ्य एवं क्षमता पर प्रदूषण के घातक परिणाम को रोकने के लिए नए विद्युत संयंत्रों की स्थापना पर रोक लगाया जाना जरूरी है।

यदि प्रशासन और पर्यावरण संरक्षण मंडल नई पावर प्लांट की स्थापना पर रोक नहीं लगता है तो आम जनता के हित में न्यायालय की शरण लिया जाएगा।

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