Wednesday 23rd of September 2026

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कोरबा : कोरबा: कुसमुंडा खदान में संदिग्ध मौत, पहिये के नीचे दबने से कर्मचारी की मौत, जांच की मांग

कोरबा (न्यूज उड़ान) जिले की एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना खदान में ड्यूटी के दौरान कार्यरत कर्मचारी प्रेम सिंह ध्रुव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया है। घटना के बाद से प्रबंधन की भूमिका और हादसे के कारणों को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं।

क्या है पूरा मामला

जानकारी के अनुसार प्रेम सिंह ध्रुव कुसमुंडा परियोजना में कार्यरत थे। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान एक भारी वाहन का चक्का उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि हादसे के समय प्रेम सिंह पहिये के नीचे दबकर छटपटाते रहे। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि मौके पर मौजूद अन्य कर्मियों को घटना का वीडियो बनाने से रोका जा रहा था।

घायल अवस्था में प्रेम सिंह को आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अधिकारियों की चुप्पी, स्थानीय लोगों में आक्रोश

अब तक हादसे के कारणों को लेकर कंपनी प्रबंधन या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही यह स्पष्ट किया गया है कि हादसा कैसे हुआ और सुरक्षा में चूक कहां हुई।

इसी वजह से स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज है कि मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को दबाने की कोशिश की जा रही है। मृतक के परिजनों और साथी कर्मचारियों ने निष्पक्ष जांच और उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि खदानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा है, जिसके कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार हो रही हैं।

वीडियो बना विवाद का कारण

घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गरमा गया है। वीडियो में कर्मचारियों को वीडियो बनाने से रोकते हुए भी सुना जा सकता है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या प्रबंधन हादसे की सच्चाई को सामने आने से रोकना चाहता था।

आगे क्या

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। वहीं श्रमिक संगठनों ने भी इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच की मांग की है।

कुसमुंडा एसईसीएल की सबसे बड़ी ओपनकास्ट खदानों में से एक है। यहां हर दिन हजारों टन कोयले का उत्पादन होता है और बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं। ऐसे में इस संदिग्ध मौत ने खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

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