बिलासपुर : श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज ने ली रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक।
Vivek Sahu
Wed, Aug 5, 2026

श्री राम गोपाल गर्ग पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज ने ली रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक।
डिजिटल पुलिसिंग, ई-समन, 'न्याय श्रुति' (VC गवाही), ई-साक्ष्य और अवैध प्रवासियों के सत्यापन पर दिए सख्त निर्देश।
पारदर्शिता, लंबित मामलों के त्वरित निपटारे और तकनीक के 100% उपयोग पर विशेष जोर।
बिलासपुर (दैनिक न्यूज उड़ान) दिनांक04.08.2026 को ’श्री राम गोपाल गर्ग’पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज द्वारा जिले के वरि. पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली गई।
समीक्षा मीटिंग का आयोजन रेंज स्तरीय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में किया गया।
समीक्षा मीटिंग में रजनेश सिंह उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर, शशि मोहन सिंह, उमनि. एवं वरि. पुलिस अधीक्षक जिला रायगढ़, भोजराम पटेल, वरि. पुलिस अधीक्षक मुंगेली, सिद्धार्थ तिवारी पुलिस अधीक्षक जिला कोरबा, मनोज खिलारी पुलिस अधीक्षकगौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, प्रफुल्ल ठाकुर पुलिस अधीक्षक जिला सक्ती, विजय पाण्डेय पुलिस अधीक्षक, जिला जॉजगीर-चाम्पा, सुनील शर्मा पुलिस अधीक्षक जिला सारंगढ़, तथा विवेक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक रेंज पु.म.नि. कार्यालय बिलासपुर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
पुलिसअधिकारियों की इस उच्चस्तरीय बैठक मे आईजी श्री राम गोपाल गर्ग बिलासपुर रेंज द्वारा न्याय प्रणाली को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक व तकनीकी दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में न्यायालयीन समन/वारंट की तामिली, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (न्याय श्रुति) और डिजिटल साक्ष्य संकलन (ई-साक्ष्य), प्रशासनिक व सुरक्षा संबंधी अन्य दिशा निर्देशों की समीक्षा की गई।
समीक्षा बैठक के प्रमुख बिंदु व प्राथमिकताएं:
1 समन व वारंट की गूगल शीट से रियल-टाइम मॉनिटरिंग।
न्यायालयीन प्रक्रियाओं में समय की बचत करते हुये अब समन और वारंट की मॉनिटरिंग गूगल शीट (Google Sheet) के माध्यम से की जाएगी।
थानों में तैनात कोर्ट आरक्षक इसमें तामिली की स्थिति, अदम तामिली के कारण और गवाहों की उपस्थिति का सटीक ब्योरा दर्ज करेंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य अनावश्यक पत्राचार को खत्म कर डेटा को कंपाइल करना है, जिससे हाईकोर्ट में केस लंबित रहने की समस्या का समाधान हो सके।
2. ई-समन और तकनीकी सुधार।
जारी अधिसूचना के अनुसार ई-समन को अब WhatsApp के माध्यम से भी तामिल कराया जा सकता है, जिसमें प्राप्तकर्ता का 'OK' मैसेज का स्क्रीनशॉट मान्य होगा।
नए गठित जिलों में आ रही डेटा मैपिंग की तकनीकी समस्याओं और सुदूर थानों में नेटवर्क व लैट-लॉन्ग अपलोड करने की चुनौतियों को शीघ्र दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. न्याय श्रुति (VC) से गवाही और सुरक्षा
न्यायालयीन गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए थानों को वीसी (Video Conferencing) से जोड़ने और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए ।
माननीय न्यायालयों से समन में ही गवाही के माध्यम (वीसी या भौतिक उपस्थिति) का उल्लेख करने का अनुरोध किया जाएगा।
4. ई-साक्ष्य और 'आइडियल CCTNS थाना'।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत जब्ती, तलाशी और गवाहों के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग (ई-साक्ष्य) अनिवार्य की गई है।
प्रत्येक जिले में एक थाने को 'आइडियल CCTNS थाना' के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ विवेचक स्वयं सभी ऑनलाइन प्रविष्टियाँ करेंगे।
5. प्रशासनिक व सुरक्षा संबंधी अन्य निर्देश
नागरिक सत्यापन: समाधान ऐप के जरिए अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों का नियमित सत्यापन अनिवार्य होगा। जिसका साप्ताहिक रिपोर्ट रेंज को देना होना।
संपत्ति अपराध : बाइक चोरी जैसी अपराधों में एफआईआर दर्ज करते समय इंजन और चेसिस नंबर की प्रविष्टि करने निर्देश दिए गये हैं ताकि सशक्त app का database update हो सके।
आईजी श्री गर्ग ने बिलासपुर रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को स्पष्ट किया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग में पारदर्शिता, डिजिटल प्रगति और लंबित मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना था।
टीम भावना के साथ कार्य करते हुये* *प्रत्येक मॉड्यूल में शत-प्रतिशत गुणवत्ता, शुद्धता एवं समयबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया।
तकनीकी माध्यमों के प्रयोग से पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा और थानों में पेंडेंसी कम होगी ।
सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी है।
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