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: कोरबा/चिल्ड्रन पार्क रवि शंकर शुक्ला नगर में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस।

Vivek Sahu

Sun, Jan 7, 2024
कोरबा( न्यूज उड़ान) श्री धाम वृंदावन के प्रख्यात भागवत प्रवक्ता श्री हित ललित वल्लभ जी महाराज ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की विशेष कृपा है जिस वजह से आप भागवत कथा का रसपान कर रहे हैं।   महाराज श्री ने कहा कि भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं कुछ सीखना चाहते हैं तो कथा में कथा के प्यासे बनकर आए अपने हृदय को रिक्त रखें तभी कथा हृदय पटल पर उतरेगी प्रभु तो सत्य और सर्वेश्वर हैं जो सृष्टि की रचना करते हैं पालन करते हैं और समय-समय पर संहार भी करते हैं,लेकिन आज मानव भगवान की भक्ति छोड़कर विषय वस्तु को भोगने में लगा है।   परंतु मानव जीवन का उद्देश्य भगवान श्री कृष्ण की प्राप्ति होना चाहिए ।   आगे बताया कि जब द्रोपति का चीर दुशासन ने खींचा तब द्रोपति ने अपने बल बुद्धि से अपने आप को बचाने की बहुत कोशिश की अंत में भगवान श्री कृष्ण को याद किया तब भगवान श्री कृष्ण वस्त्र अवतार लेकर प्रकट हो गए और द्रोपदी की लाज बचाई, आगे बताया पांडवों का स्वर्गारोहण व परीक्षित जन्म की कथा श्रवण कराते हुए बताया की परीक्षित का राज्य अभिषेक होने के बाद एक दिन परीक्षित ने अपने कोष से एक मुकुट मंगवा कर अपने मस्तक पर धारण किया वह मुकुट जरासंध का था पाप की कमाई मैं कलयुग का वास है इस मुकुट के कारण धर्म श्रेष्ठ राजा परीक्षित के मन में शिकार करने की इच्छा प्रगट हुई और वह शिकार करने वन में चले गए काफी दूर पहुंचने पर उन्हें प्यास लगी वह समीक मुनि के आश्रम में गए समिक मुनि ध्यान मग्न थे जिससे वह राजा का सत्कार नहीं कर पाए जिस कारण राजा परीक्षित ने क्रोधित हो उनके गले में एक मृत सर्प को डाल दिया शमीक मुनि के बालक श्रृंगी को जब पता चला तो उसने श्राप दे दिया की जिसने मेरे पिता के गले में सर्प डाला है आज से सातवें दिन तक्षक सर्प के डसने से उसकी मृत्यु हो जाएगी ।   प्रसंग आगे बढ़ाते हुए महाराज जी ने श्री सुखदेव जी के जन्म की कथा श्रवण कराई।   वृंदावन धाम से पधारे विद्वानों द्वारा प्रातः काल में श्रीमद् भागवत मूल पाठ हो रहे है श्री हित सेवा सहचारी महिला समिति ने श्रद्धालु श्रोताओं से कथा श्रवण करने की अपील की है, सभी धर्म प्रेमी अधिक से अधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ प्राप्त करें।

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