Wednesday 16th of September 2026

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अयोध्या में सेवा रत्न से सम्मानित हुए राजेंद्र श्रीवास

एल्यूमिनियम निर्माण के अगले अध्याय को आकार देते बालको के इंजीनियर।

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करोड़ों विद्यार्थी, शिक्षक, नागरिक एक साथ, एक समय, एक स्वर में सामूहिक रूप से गाएंगे पूर्ण वंदे मातरम।

गणेश उत्सव एवं विसर्जन को लेकर कोरबा पुलिस अलर्ट।

: प्रकृति के तीन कड़वे नियम जो सत्य है

Vivek Sahu

Sun, Aug 11, 2024
1.प्रकृति का पहला नियम यदि खेत में बीज न डाले जाएं,तो कुदरत उसे घास फूस से भर देती है! ठीक उसी तरह से दिमाग में अगर सत्कारात्मक विचार न भरे जाएं, तो नकारात्मक विचार अपनी जगह बना लेती है!   2.प्रकृति का दूसरा नियम: जिसके पास जो होता है वह वही बांटता है! सुखी "सुख" बांटता है!दु:खी दु:ख बांटता है! ज्ञानी ज्ञान बांटता है! भ्रमित भ्रम बांटता है और भयभीत भय बांटता है!   3.प्रकृति का तीसरा नियम आपको जीवन में जो भी मिले, उसे पचाना सीखो क्योंकि -भोजन न पचने पर, रोग बढ़ता है! पैसा न पचने पर दिखावा बढ़ता है! बात न पचने पर, चुगली बढ़ती है! प्रशंसा न पचने पर, अहंकार बढ़ता है! निंदा न पचने पर, दुश्मनी बढ़ती है! राज न पचने पर, खतरा बढ़ता है!दु:ख न पचने पर, निराशा बढ़ती है! सुख न पचने पर,पाप बढ़ता है! यही जीवन का सत्य है!

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