Tuesday 22nd of September 2026

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कोरबा : करोडो का ठेका, ठेकेदार द्वारा नियमों को ताक में रखकर मनमानी।

कोरबा (दैनिक न्यूज उड़ान) कोरबा जिले के दूधी टांगर से लेमरू तक करोड़ों रुपये का बिजली ठेका: ठेकेदार की मनमानी से मजदूरों की जान जोखिम में।

कोरबा जिले के दूधी टांगर से लेमरू तक चल रहे करोड़ों रुपये की विद्युत लाइन निर्माण परियोजना में गंभीर अनियमितताओं और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप सामने आए हैं।

स्थानीय लोगों और मजदूरों का कहना है कि निर्माण कार्य करा रहा ठेकेदार श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए बिना ही ऊंचे बिजली के खम्भों पर चढ़कर काम करने के लिए मजबूर कर रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

बताया जा रहा है कि परियोजना में कार्यरत कई मजदूर बिना सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट, सेफ्टी हार्नेस, दस्ताने और सुरक्षा जूते के ही 30 से 40 फीट ऊंचे बिजली के खम्भों पर चढ़कर काम कर रहे हैं।

श्रमिकों का आरोप है कि सुरक्षा उपकरण मांगने पर ठेकेदार ध्यान नहीं देता और जल्द से जल्द काम पूरा करने का दबाव बनाया जाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, विद्युत लाइन निर्माण जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य है।

बिना सुरक्षा उपकरण के ऊंचाई पर कार्य कराना श्रमिकों की जान के साथ गंभीर खिलवाड़ माना जाता है।

अधिकारी ने बताया क्या है सही निर्माण प्रक्रिया

इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बिजली के खम्भों की स्थापना केवल गड्ढा खोदकर खम्भा खड़ा कर देने तक सीमित नहीं होती।

निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार खम्भे को मजबूती प्रदान करने के लिए गड्ढे के भीतर आवश्यकतानुसार गिट्टी, पत्थर तथा पीसीसी (Plain Cement Concrete) का उपयोग किया जाना जरूरी होता है।

इससे खम्भे की पकड़ मजबूत रहती है और तेज हवा, बारिश या अन्य परिस्थितियों में उसके गिरने की संभावना कम होती है।

अधिकारियों के अनुसार यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप नींव तैयार नहीं की जाती, तो भविष्य में खम्भों की स्थिरता प्रभावित हो सकती है, जिससे जन-धन की हानि का खतरा बढ़ जाता है।

इसलिए निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों का पालन अनिवार्य है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने परियोजना में सुरक्षा मानकों के पालन, निर्माण गुणवत्ता तथा श्रमिकों को उपलब्ध कराए जा रहे सुरक्षा उपकरणों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निरीक्षण नहीं किया गया तो किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और यदि अनियमितताएं पाई जाती हैं तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।

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