बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में 1 से 15 सितंबर तक मनेगा साक्षरता पखवाड़ा: 'उल्लास' अभियान के तहत हर दिन होंगे विशेष कार्यक्रम, शासन ने जार
Vivek Sahu
Sat, Sep 5, 2026
बिलासपुर ( दैनिक न्यूज उड़ान )राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत संचालित 'उल्लास - नव भारत साक्षरता कार्यक्रम' (ULLAS) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 1 से 15 सितंबर 2026 तक पूरे प्रदेश में साक्षरता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है।
स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने सभी जिलों के कलेक्टरों एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्षों को पत्र जारी कर 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षर नागरिकों को साक्षर बनाने के निर्देश दिए हैं।
अभियान को जन-आंदोलन बनाने के लिए 3 से 15 सितंबर तक प्रतिदिन आयोजित होने वाली गतिविधियों का तिथिवार विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
03 सितंबर (गुरुवार) — डिजिटल पंजीयन अभियान:
चिह्नित असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों (VT) का उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से शत-प्रतिशत ऑनलाइन डिजिटल पंजीयन सुनिश्चित किया जाएगा।
04 सितंबर (शुक्रवार) — 'अंगूठे से कलम की ओर' अभियान:
विद्यालय स्तर पर शिक्षकों, अभिभावकों और शाला प्रबंधन समिति (SMC) की बैठक होगी।
असाक्षरों को अंगूठे के स्थान पर हस्ताक्षर का अभ्यास कराया जाएगा। हाल ही में साक्षर हुए बुजुर्ग अपने पोता-पोती या नाती के साथ मंच पर आकर ब्लैकबोर्ड पर हस्ताक्षर कर 'गौरव का क्षण' साझा करेंगे।
05 सितंबर (शनिवार) — शिक्षक दिवस विशेष एवं जागरूकता रैली:
साक्षरता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और समाजसेवियों का सम्मान किया जाएगा।
कक्षा 12वीं तक के सभी विद्यालयों (सरकारी, अनुदान प्राप्त व सीबीएसई) में 'बैगलेस डे' के अवसर पर प्रभात फेरी, उल्लास रैली व साइकिल रैली निकाली जाएगी।
06 सितंबर (रविवार) — साक्षरता चौपाल व लोक माध्यम:
स्थानीय हाट-बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर उल्लास विषय पर आधारित नुक्कड़ नाटक और लोकगीत प्रस्तुत किए जाएंगे। शाम के समय कामकाजी वयस्कों के लिए मुख्य चौराहों पर मशाल/मोमबत्ती जलाकर 'अंधकार से उजाले की ओर' का संदेश दिया जाएगा।
07 सितंबर (सोमवार) — 'चिट्ठी कलेक्टर के नाम' व रचनात्मक प्रतियोगिताएं:
शैक्षणिक संस्थाओं में 'सबके लिए शिक्षा' विषय पर वाद-विवाद, पेंटिंग, चित्रकला और मेहंदी प्रतियोगिताएं होंगी। 'चिट्ठी कलेक्टर के नाम' गतिविधि के तहत नवसाक्षर बुजुर्गों व महिलाओं से कलेक्टर के नाम एक छोटी चिट्ठी (नाम या एक पंक्ति) लिखवाई जाएगी, जो योजना की जमीनी सफलता का प्रमाण बनेगी।
08 सितंबर (मंगलवार) — अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस (मुख्य समारोह):
जिला, जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में मुख्य समारोह आयोजित होगा। सुबह 8 बजे स्कूली बच्चों और आम नागरिकों की विशाल मानव श्रृंखला निकाली जाएगी।
शाम 7 बजे जिले के प्रत्येक घर, कार्यालय व स्कूल के बाहर 'उल्लास साक्षरता दीप' प्रज्वलित कर साक्षरता का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा।
09 सितंबर (बुधवार) — नवाचारी टीएलएम (TLM) प्रदर्शन:
शिक्षकों द्वारा शिक्षार्थियों को सहजता से सिखाने के लिए जादुई पिटारा, कार्ड्स, प्रवेशिका, रेत और गिट्टी जैसी नवाचारी शिक्षण सामग्रियों का प्रदर्शन कर उल्लास केंद्रों को सजाया जाएगा।
10 सितंबर (गुरुवार) — वाचन दिवस (कहानियों का कारवां):
विद्यालयों और सामाजिक चेतना केंद्रों पर नवशिक्षार्थी अपने दादा-दादी, नाना-नानी व माता-पिता से कहानियां सुनेंगे।
बच्चे स्थानीय भाषा में बुजुर्गों को कहानियां सुनाएंगे और नवसाक्षर महिला-पुरुष अपनी साक्षरता यात्रा के अनुभव साझा करेंगे।
11 सितंबर (शुक्रवार) — महिला साक्षरता पर केंद्रित कार्यक्रम:
महिला साक्षरता पर संगोष्ठी, भाषण व व्यावसायिक सामग्री का प्रदर्शन होगा।
राष्ट्रीय आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों की निरक्षर महिलाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। ग्रामों में पढ़ी-लिखी बहुएं अपनी सास को और बेटियां अपनी मां को साक्षर बनाकर सितंबर माह की महापरीक्षा में शामिल कराने का संकल्प लेंगी।
12 सितंबर (शनिवार) — व्यावसायिक डिजिटल साक्षरता:
उल्लास केंद्रों पर नागरिकों को स्मार्टफोन चलाना, सुरक्षित ऑनलाइन फॉर्म भरना, व्हाट्सएप मैसेज पढ़ना और सरकारी ऐप्स का उपयोग सिखाया जाएगा। बैंकों के सहयोग से डिजिटल पेमेंट, बैंक खाता संचालन, बचत योजनाओं और ऑनलाइन धोखाधड़ी (साइबर फ्रॉड) से बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
13 सितंबर (रविवार) — उल्लास मेला व मशाल रैली:
नवसाक्षर महिला एवं पुरुषों द्वारा 'उल्लास मेले' का आयोजन किया जाएगा, जिसमें खेलकूद और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी।
शाम के समय साक्षरता अलख जगाने हेतु मशाल/टॉर्च रैली निकाली जाएगी।
14 सितंबर (सोमवार) — हिंदी दिवस विशेष व जनसंचार:
स्कूल-कॉलेजों में निबंध, स्लोगन व पोस्टर प्रतियोगिताएं होंगी।
गणेशोत्सव पंडालों में विशेष काउंटर लगाकर स्थानीय कलाकारों द्वारा नुक्कड़ नाटक, तमाशा और पंडवानी गायन के जरिए साक्षरता का प्रचार किया जाएगा। युवा वर्ग बुजुर्गों को पढ़ाने के बाद ऐप पंजीयन के साथ सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे।
15 सितंबर (मंगलवार) — समापन समारोह एवं पुरस्कार वितरण:
पखवाड़े के अंतिम दिन सर्वेक्षित शिक्षार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ऐप पर सत्यापन किया जाएगा।
आगामी कक्षाओं के संचालन, शिक्षकों के दायित्व और आगामी महापरीक्षा में शामिल कराने की अंतिम रणनीति तय होगी। उत्कृष्ट कार्य करने वाले सभी स्तरों के कार्यकर्ताओं व स्वयंसेवकों को सम्मानित कर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
प्रतिदिन केंद्रों का निरीक्षण:
पखवाड़े के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रतिदिन शाम को संचालित साक्षरता केंद्रों का नियमित अवलोकन करेंगे।
कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के बाद सभी जिलों को एक सप्ताह के भीतर नवाचारों की फोटो, दस्तावेज और विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
Tags :
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन