Tuesday 22nd of September 2026

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श्रीनगर : पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 5 अगस्त की पूर्व संध्या पर रात में विरोध प्रदर्शन किया।

श्रीनगर( दैनिक न्यूज उड़ान ) पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा, “हम इस रात को नहीं भूल सकते।” लाल चौक, श्रीनगर में हुए इस रात के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने 5 अगस्त के फैसले को “अस्वीकार्य” बताया और अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग को दोबारा दोहराया।

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि 5 अगस्त 2019 का दिन जम्मू-कश्मीर की सियासत और पहचान के लिए एक मोड़ था।

इस दिन केंद्र ने जम्मू-कश्मीर का विशेष संवैधानिक दर्जा खत्म किया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था।

विरोध प्रदर्शन की मुख्य बातें:

- मांग: अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35ए और राज्य का दर्जा बहाल करना।

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- बयान: “5 अगस्त अस्वीकार्य है इस दिन की घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता।” उन्होंने इस दिन को “काला दिन” बताया।

- पार्टी का रुख: पीडीपी ने अपने 27वें स्थापना दिवस पर प्रस्ताव पारित किया जिसमें कहा गया कि पार्टी अनुच्छेद 370, 35ए और संवैधानिक गारंटी की बहाली के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखेगी।

पार्टी ने राजनीतिक कैदियों की तत्काल रिहाई और निवारक निरोध कानूनों के दुरुपयोग को खत्म करने की भी मांग की।

पीडीपी ने ऐलान किया है कि 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिला मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।

श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय के बाहर भी सुरक्षा की भारी तैनाती देखी गई।

महबूबा मुफ्ती ने पहले भी लोगों से अपील की थी कि 4 अगस्त की रात 9 बजे 15 मिनट का ब्लैकआउट करके इस दिन को “सामूहिक शोक” के रूप में याद रखा जाए।

पृष्ठभूमि:

5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाया गया था।

उसके बाद से हर साल इस दिन को जम्मू-कश्मीर की क्षेत्रीय पार्टियां विरोध प्रदर्शन के रूप में मनाती हैं और राज्य का दर्जा + विशेष दर्जा बहाल करने की मांग करती हैं।

रिपोर्ट......अनिल भारद्वाज

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