Monday 21st of September 2026

ब्रेकिंग

गणेश उत्सव को लेकर कोरबा पुलिस का विशेष अभियान — बदमाशों, अवैध शराब एवं वारंटियों पर लगातार कार्रवाई।

BGSBU inaugurates Super 30 IAS/JKAS Coaching in collaboration with District Administration Rajouri.

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के विद्यालयों में हुई चित्रकला प्रतियोगिता

बालको मेडिकल सेंटर ने किया स्तन कैंसर की लाइव सर्जरी का आयोजन।

कैदियों की सुविधाओं, स्वास्थ्य और विधिक सहायता की हुई गहन समीक्षा।

कोरबा : नागपंचमी पर नागलोक तपकरा में सर्प जागरूकता कार्यक्रम।

कोरबा (दैनिक न्यूज उड़ान) जशपुर तपकरा नागपंचमी के अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नागलोक तपकरा में वन विभाग एवं RCRS (Reptile Care and Rescuer Society) द्वारा सर्प जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में स्कूली बच्चों को सांपों के प्रति वैज्ञानिक सोच विकसित करने, सर्प संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।

तपकरा क्षेत्र को सांपों की विविधता के कारण लंबे समय से छत्तीसगढ़ के “नागलोक” के रूप में जाना जाता है।

इस क्षेत्र में सांपों की कई प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें कुछ अत्यंत विषैली प्रजातियां भी शामिल हैं। ऐसे में लोगों के बीच सर्पों को लेकर सही जानकारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि सांप प्रकृति और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। वे चूहों एवं अन्य जीवों की संख्या को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा खाद्य श्रृंखला और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में योगदान देते हैं।

बच्चों को समझाया गया कि सांप दिखाई देने पर डरकर उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए। घर या आसपास सांप दिखाई देने पर स्वयं पकड़ने या छेड़ने के बजाय प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम अथवा सर्प मित्र की सहायता लेनी चाहिए।

साथ ही सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक और अंधविश्वास से दूर रहते हुए बिना देरी किए अस्पताल पहुंचना सबसे जरूरी है।

कार्यक्रम में सर्पों से जुड़े कई प्रचलित अंधविश्वासों को भी दूर किया गया और बच्चों को वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि सांप मनुष्यों से बदला लेने के लिए पीछा नहीं करते और सांपों से संबंधित कई लोककथाएं वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।

कार्यक्रम में उप वनमंडलाधिकारी, कुनकुरी आशीष आर्य, रेंजर प्रवीण वर्मा एवं सर्प विशेषज्ञ डॉ. अजय सहित वन विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा ग्रामीण सर्प मित्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में ग्रामीण सर्प मित्रों का भी महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ।

इस दौरान RCRS के अध्यक्ष अविनाश यादव, अजय साहू एवं सतेंद्र ने भी स्कूली बच्चों को सांपों की विभिन्न प्रजातियों, उनके व्यवहार, प्रकृति में उनकी भूमिका तथा सर्पों से जुड़े आवश्यक सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बताया कि सांपों को समझना और उनके प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना ही मानव एवं वन्यजीव के बीच बेहतर सह-अस्तित्व का आधार है।

कार्यक्रम के दौरान वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए कहा गया कि प्रकृति केवल मनुष्यों की नहीं, बल्कि हर जीव का साझा घर है। सांपों सहित सभी वन्यजीवों के प्रति प्रेम, सम्मान और संवेदनशीलता रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

नागपंचमी के अवसर पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच, सर्प संरक्षण और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व का संदेश नई पीढ़ी तक पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम के अंत में बच्चों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी सांपों एवं अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक करें।

संदेश स्पष्ट है—सांपों से डरें नहीं, उन्हें समझें; वन्यजीवों को नुकसान नहीं, संरक्षण दें और प्रकृति से प्रेम करें।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

विज्ञापन

विज्ञापन