कोरबा : डिजिटल क्रांति के दौर में पत्रकारिता का नया चेहरा बना डिजिटल मीडिया, जनआवाज को मिल रहा वैश्विक मंच : अधिवक्ता प्रमोद सोन
Vivek Sahu
Sun, Nov 8, 2026
डिजिटल क्रांति के दौर में पत्रकारिता का नया चेहरा बना डिजिटल मीडिया, जनआवाज को मिल रहा वैश्विक मंच : अधिवक्ता प्रमोद सोनी।
उपशीर्षक : त्वरित सूचना, पारदर्शिता और जनसमस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में डिजिटल मीडिया की बढ़ती भूमिका, निष्पक्ष एवं जिम्मेदार पत्रकारिता पर दिया जोर।
कोरबा (दैनिक न्यूज उड़ान) बदलते दौर के साथ पत्रकारिता का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। सूचना और तकनीक के इस आधुनिक युग में डिजिटल मीडिया जनसंचार का एक सशक्त और प्रभावशाली माध्यम बनकर उभरा है।
मोबाइल, इंटरनेट, न्यूज पोर्टल, यूट्यूब और सोशल मीडिया के जरिए अब देश-दुनिया की खबरें कुछ ही सेकंड में लोगों तक पहुंच रही हैं। डिजिटल मीडिया ने न केवल समाचारों के प्रसारण की गति बढ़ाई है, बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी समस्याएं, विचार और आवाज समाज के सामने रखने का एक बड़ा मंच प्रदान किया है।
डिजिटल मीडिया की वर्तमान समय में बढ़ती उपयोगिता और सामाजिक भूमिका को लेकर अधिवक्ता प्रमोद सोनी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में डिजिटल मीडिया केवल सूचना प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि लोकतंत्र, जनजागरूकता और सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
क्या है डिजिटल मीडिया और क्यों बढ़ रही है इसकी जरूरत?
अधिवक्ता प्रमोद सोनी ने कहा कि इंटरनेट और आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से समाचार, विचार, तस्वीरें, वीडियो और अन्य जानकारियों का प्रसारण डिजिटल मीडिया कहलाता है।
इसके अंतर्गत न्यूज पोर्टल, न्यूज वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, फेसबुक, इंस्टाग्राम, ऑनलाइन समाचार पत्र, ई-पेपर और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पहले किसी घटना की जानकारी लोगों तक पहुंचने में काफी समय लग जाता था, लेकिन आज डिजिटल मीडिया के माध्यम से किसी भी महत्वपूर्ण घटना की सूचना तत्काल आम जनता तक पहुंचाई जा सकती है। यही इसकी सबसे बड़ी विशेषता और आवश्यकता है।
जनता की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
डिजिटल मीडिया की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि अब गांव, कस्बे और छोटे शहरों की समस्याएं भी बड़े स्तर पर सामने आ रही हैं। सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक लापरवाही जैसे जनहित के मुद्दों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए प्रमुखता से उठाया जा सकता है।
अधिवक्ता प्रमोद सोनी के अनुसार, डिजिटल मीडिया जनता और शासन-प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। इससे आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सामने रखने का अवसर मिलता है और संबंधित विभागों का ध्यान भी जनहित के मुद्दों की ओर आकर्षित होता है।
डिजिटल मीडिया की खासियत है तेज गति और व्यापक पहुंच।
डिजिटल मीडिया की प्रमुख विशेषताओं में 24 घंटे समाचारों की उपलब्धता, तत्काल अपडेट, फोटो-वीडियो के माध्यम से घटनाओं का प्रस्तुतीकरण, लाइव रिपोर्टिंग और पाठकों के साथ सीधा संवाद शामिल है।
इसके माध्यम से स्थानीय स्तर की खबरें भी देश-विदेश तक पहुंच सकती हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म ने छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों को भी अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर दिया है।
युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर
डिजिटल मीडिया ने पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाएं भी पैदा की हैं। न्यूज पोर्टल संचालन, वीडियो प्रोडक्शन, रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सोशल मीडिया प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
इसके साथ ही छोटे व्यापारियों, स्थानीय उद्यमियों और सामाजिक संगठनों को भी अपने कार्यों और गतिविधियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का लाभ मिल रहा है।
फर्जी खबरों से बचना और निष्पक्ष पत्रकारिता करना जरूरी
अधिवक्ता प्रमोद सोनी ने डिजिटल मीडिया की चुनौतियों पर भी ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जिस तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म का विस्तार हो रहा है, उसी अनुपात में जिम्मेदार पत्रकारिता की आवश्यकता भी बढ़ रही है।
समाचार प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि करना, संबंधित पक्ष का जवाब लेना, भ्रामक और अपुष्ट सूचनाओं से बचना तथा निष्पक्षता बनाए रखना प्रत्येक पत्रकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में केवल खबर सबसे पहले दिखाना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि खबर का सत्य और विश्वसनीय होना भी उतना ही आवश्यक है। सनसनी फैलाने के बजाय जनहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
डिजिटल पत्रकारों को मिले उचित सम्मान और संरक्षण
उन्होंने कहा कि आज डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सक्रिय रहकर समाज की समस्याओं को सामने ला रहे हैं। कई बार दूरस्थ क्षेत्रों की ऐसी खबरें भी डिजिटल पत्रकारों के माध्यम से सामने आती हैं, जिन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
ऐसे में वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारिता करने वाले डिजिटल पत्रकारों को उचित सम्मान, प्रशिक्षण और आवश्यक संरक्षण मिलना चाहिए। पत्रकारिता की पहचान उसके माध्यम से नहीं, बल्कि उसकी निष्पक्षता, विश्वसनीयता, सत्यता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता से होनी चाहिए।
लोकतंत्र को मजबूत बनाने में डिजिटल मीडिया की अहम भूमिका
अधिवक्ता प्रमोद सोनी ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका केवल समाचार प्रकाशित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता और शासन-प्रशासन के बीच संवाद स्थापित करना भी उसका महत्वपूर्ण दायित्व है। डिजिटल मीडिया ने इस जिम्मेदारी को और व्यापक बनाया है।
आज किसी गांव की समस्या से लेकर राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण मुद्दों तक को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उठाया जा सकता है। इससे जनजागरूकता बढ़ती है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूती मिलती है।
निष्कर्ष : डिजिटल मीडिया भविष्य नहीं, वर्तमान की सबसे बड़ी जरूरत
अंत में अधिवक्ता प्रमोद सोनी ने कहा कि डिजिटल मीडिया आधुनिक समाज की आवश्यकता बन चुका है। बदलते समय के साथ पत्रकारिता के इस नए स्वरूप को समझना और प्रोत्साहित करना जरूरी है। इसके साथ ही फर्जी खबरों पर अंकुश, पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों का पालन और विश्वसनीय समाचारों को प्राथमिकता देना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल मीडिया का वास्तविक उद्देश्य जनता तक सच्चाई पहुंचाना, जनसमस्याओं को सामने लाना, समाज को जागरूक करना और लोकतंत्र को मजबूत बनाना होना चाहिए। जिम्मेदार और निष्पक्ष डिजिटल पत्रकारिता ही भविष्य में समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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