कोरबा : जिला जेल का निरीक्षण, बंदियों को मिल रही सुविधाओं का लिया जायजा’।
Thu, Mar 26, 2026
कोरबा (न्यूज उड़ान)
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष शर्मा एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला जेल का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान उन्होंने बंदियों से मुलाकात कर उनके मामलों की जानकारी ली तथा उनकी समस्याओं के संबंध में चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान भोजन, स्वास्थ्य परीक्षण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया।
साथ ही बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, पाकशाला की साफ-सफाई, स्वास्थ्य जांच, आवासीय व्यवस्था, पेयजल, स्नानागार एवं शौचालयों की स्वच्छता का निरीक्षण किया गया।
जेल परिसर में पेयजल आपूर्ति हेतु पाइपलाइन व्यवस्था तथा बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों के लिए बाहरी परिसर में शेड की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया।
साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदान की जा रही सुविधाओं एवं जेल लीगल एड क्लिनिक का निरीक्षण भी किया गया।
इस दौरान बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत ऐसे बंदी जिनके पास अधिवक्ता नहीं हैं, उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में जानकारी दी गई, ताकि कोई भी बंदी न्याय से वंचित न रहे।
इस अवसर पर कु. मयूरा गुप्ता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोरबा, कु. डिम्पल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोरबा, श्री देवेंद्र पटेल अतिरिक्त कलेक्टर कोरबा, नीतिश सिंह ठाकुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती माधुरी सोम ठाकुर, विजय लक्ष्मी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, डी.डी.ए. श्री डी पी एन कंवर, श्री बजरंग साहू तहसीलदार, सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन पटेल उपस्थित रहे।
कोरबा : रैम्प योजनान्तर्गत उद्योग एवं बैंकर्स बैठक संपन्न।
Thu, Mar 26, 2026
कोरबा (न्यूज उड़ान )
जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा संचालित रैम्प योजना के अंतर्गत जिले के उद्योगों एवं बैंकर्स की बैठक का आयोजन कावेरी होटल डीडीएम स्कूल रोड, कोरबा में किया गया।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, कोरबा द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की औद्योगिक नीति 2025-30 के तहत उपलब्ध विभिन्न सब्सिडी एवं आर्थिक सहायता संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
साथ ही, विभागीय हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित बैंकों में लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण हेतु उपस्थित बैंक अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
बैठक के दौरान योजनाओं की प्रगति को लेकर विभिन्न बैंकों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए यूको बैंक कोरबा को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महाप्रबंधक, लीड बैंक अधिकारी, उद्योगपति तथा विभिन्न बैंकों के प्रबंधक उपस्थित रहे।
कोरबा : बालको ने विश्व जल दिवस पर चलाया सामुदायिक जल संचय अभियान।
Thu, Mar 26, 2026
बालकोनगर( न्यूज उड़ान ) वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व जल दिवस के अवसर पर ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के अंतर्गत तालाब पुनर्जीवित अभियान का आयोजन किया।
इस पहल में 150 से अधिक कर्मचारी और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए, जिन्होंने पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और सतत जल उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने में योगदान दिया।
यह पहल जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बालको की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इन प्रयासों से अब तक 40 से अधिक गांवों में जल संरक्षण संरचनाएं विकसित और पुनर्जीवित की जा चुकी हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ी है और खेती को मजबूती मिली है।
साथ ही परियोजना के तहत कुल 158 जल संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 129 खेत तालाब, 15 सामुदायिक तालाब, 12 चेक डैम और 2 लाइनिंग तालाब शामिल हैं।
इनकी कुल जल संग्रहण क्षमता 2.30 लाख घन मीटर से अधिक है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाएं (21 खेत तालाब और 1 सामुदायिक तालाब) बनाई गई हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 22 हजार घन मीटर है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण, सतत विकास और मजबूत समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है।
‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के माध्यम से हम स्थानीय समुदाय के साथ मिलकर जल संसाधनों को पुनर्जीवित कर रहे हैं, जिससे कृषि, आजीविका और पर्यावरण संतुलन को बढ़ावा मिल रहा है।
हमारा उद्देश्य दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। विश्व जल दिवस पर हम संकल्प लेते हैं कि हम जिम्मेदारी से पानी का उपयोग और पर्यावरण की रक्षा करते रहेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।
इन जल संरचनाओं से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल रहा है, जिससे वे अब केवल बारिश पर निर्भर नहीं हैं।
किसान अब साल में कई फसलें उगा पा रहे हैं और अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। साथ ही, पशुपालन के लिए भी पानी की उपलब्धता बेहतर हुई है।
इस पहल का असर बताते हुए कोरबा के पास भाटगांव की किसान संध्या बाई ने कहा कि मैं हमेशा मछली पालन और सब्जी खेती के जरिए अपनी आय बढ़ाना चाहती थी।
‘मोर जल मोर माटी’ योजना के तहत खेत में तालाब बनने से मैं दोनों काम कर पा रही हूं। इससे मेरे परिवार की आय में बढ़ोतरी हुई है और अब घर की आर्थिक स्थिति सुधार हुआ है।
इस पहल से समुदाय के लोगों को आजीविका के नए अवसर भी मिले हैं।
इस कार्यक्रम के तहत 80 किसानों ने मछली पालन को अतिरिक्त आय के रूप में अपनाया है।
इससे उन्हें हर फसल चक्र में औसतन ₹20 हजार की कमाई हो रही है। इससे पानी के संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है।
कंपनी के इस परियोजना से क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ा है और लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहती है। तालाबों और जल संरचनाओं के पुनर्निर्माण से बारिश का पानी आसानी से संग्रहित होता है, जिससे पानी का बेकार बहना कम होता है।
साथ ही आसपास का पर्यावरण संतुलित रहता है। कंपनी पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा रही है।
साथ ही ऐसे प्रयासों से स्थानीय समुदाय के साथ कंपनी का भरोसा और संबंध भी मजबूत होता है, जो भविष्य के लिए सकारात्मक और स्थायी विकास सुनिश्चित करता है।